अचानक हार्ट अटैक से मौत के बढ़ते मामले: कारण, बचाव और उपचार
परिचय
हाल के वर्षों में, अचानक हार्ट अटैक (हृदयाघात) से होने वाली मौतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कई लोग बिना किसी पूर्व लक्षण के अचानक अपनी जान गंवा रहे हैं। यह चिंता का विषय है कि स्वस्थ दिखने वाले लोग भी अचानक हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। इस लेख में हम हार्ट अटैक के कारण, लक्षण, जोखिम कारक, बचाव के उपाय, इमरजेंसी फर्स्ट एड, दवाइयां और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
हार्ट अटैक क्या है?
मैक्स हेल्थकेयर: हार्ट अटैक के प्राथमिक उपचार: क्या करें और क्या न करें
हार्ट अटैक या मायोकार्डियल इंफार्क्शन (Myocardial Infarction) तब होता है जब हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आ जाती है। यह आमतौर पर एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) के कारण होता है, जिसमें धमनियों में कोलेस्ट्रॉल और वसा का जमाव हो जाता है। जब यह जमाव (प्लाक) टूट जाता है, तो वहां ब्लड क्लॉट (खून का थक्का) बन सकता है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है और हार्ट अटैक हो सकता है।
हार्ट अटैक के प्रमुख कारण
हार्ट अटैक के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
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अस्वास्थ्यकर जीवनशैली:
- अधिक वसायुक्त और जंक फूड का सेवन
- धूम्रपान और शराब का अत्यधिक सेवन
- शारीरिक गतिविधि की कमी
- मानसिक तनाव और डिप्रेशन
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स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं:
- उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure)
- उच्च कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol)
- डायबिटीज (Diabetes)
- मोटापा (Obesity)
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हार्ट के रोग:
- कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary Artery Disease)
- दिल की धड़कन का अनियमित होना (Arrhythmia)
- दिल के वाल्व में खराबी
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हार्मोनल और जेनेटिक कारण:
- आनुवांशिक रूप से हृदय रोग की संभावना
- थायरॉयड की समस्या
- हार्मोनल असंतुलन
किन चीजों के अधिक उपयोग से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है?
- जंक फूड और अधिक नमक वाला खाना
- तंबाकू और शराब का अत्यधिक सेवन
- अत्यधिक कैफीन (कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स का अत्यधिक सेवन)
- अत्यधिक स्ट्रेस और नींद की कमी
- स्टेरॉयड और बॉडीबिल्डिंग सप्लीमेंट्स का उपयोग
- अत्यधिक ठंडे या गर्म वातावरण में रहने की आदत
- बैठे रहने वाली जीवनशैली और व्यायाम की कमी
हार्ट अटैक के लक्षण
हार्ट अटैक के लक्षण व्यक्ति के अनुसार भिन्न हो सकते हैं, लेकिन कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:
- छाती में दर्द या जकड़न (कुछ मिनटों तक रह सकता है)
- सांस लेने में दिक्कत
- पसीना आना
- चक्कर आना या बेहोशी
- बांह, गर्दन, जबड़े या पीठ में दर्द
- थकान और कमजोरी महसूस होना
- अचानक घबराहट और बेचैनी
किन परिस्थितियों में हार्ट अटैक से बचना मुश्किल हो जाता है?
मेट्रो हॉस्पिटल्स: एक्सरसाइज के दौरान हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ता है?
- यदि व्यक्ति को पहले से हृदय रोग हो
- अगर ब्लड प्रेशर बहुत अधिक हो और समय पर इलाज न मिले
- अगर व्यक्ति को हार्ट ब्लॉकेज की पहले से जानकारी न हो
- अगर हार्ट अटैक के तुरंत बाद CPR और दवा न दी जाए
- अगर व्यक्ति को अचानक और गंभीर दर्द हो और अस्पताल पहुँचने में देर हो जाए
हार्ट अटैक के दौरान क्या करना चाहिए? (इमरजेंसी फर्स्ट एड)
मायोक्लिनिक: Heart attack: First aid
- CPR (Cardiopulmonary Resuscitation): यदि व्यक्ति सांस नहीं ले रहा है, तो उसे तुरंत CPR देना चाहिए।
- एस्पिरिन (Aspirin) देना: यह खून के थक्के को बनने से रोकने में मदद करता है।
- नाइट्रोग्लिसरीन (Nitroglycerin) देना: यह रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है।
- व्यक्ति को लेटाकर शांत रखना: घबराहट से स्थिति और बिगड़ सकती है।
- जल्द से जल्द एंबुलेंस बुलाना
कौन-कौन सी दवाइयाँ पास में रखनी चाहिए और क्यों?
सीके बिरला हॉस्पिटल: हार्ट अटैक के स्टेज और उनका इलाज
- एस्पिरिन (Aspirin) - ब्लड क्लॉट बनने से रोकने के लिए।
- नाइट्रोग्लिसरीन (Nitroglycerin) - हृदय की धमनियों को आराम देने के लिए और रक्त प्रवाह को सही करने के लिए।
- एटेनोलोल (Atenolol) या मेटोप्रोलोल (Metoprolol) - ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और हार्ट को सुरक्षित रखने के लिए।
- एटरोवास्टेटिन (Atorvastatin) या रोसुवास्टेटिन (Rosuvastatin) - कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए, जिससे धमनियों में ब्लॉकेज न बने।
- क्लोपिडोग्रेल (Clopidogrel) या टिका ग्रेलोर (Ticagrelor) - रक्त प्रवाह को सही रखने के लिए, जिससे हार्ट अटैक का खतरा कम हो।
- इकोस्प्रिन (Ecosprin) - खून को पतला करने के लिए, जिससे ब्लॉकेज बनने की संभावना कम हो।
- डायजेपाम (Diazepam) या लॉरज़ेपाम (Lorazepam) - अत्यधिक स्ट्रेस और घबराहट को नियंत्रित करने के लिए।
हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या करें?
- नियमित व्यायाम करें (कम से कम 30 मिनट प्रतिदिन)
- धूम्रपान और शराब से बचें
- संतुलित आहार लें (हरी सब्जियाँ, फल, सूखे मेवे आदि)
- ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें
- मधुमेह को नियंत्रित करें
- तनाव प्रबंधन करें (योग, ध्यान और पर्याप्त नींद लें)
निष्कर्ष
आजकल हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन सही जीवनशैली अपनाकर और समय रहते उचित दवाइयों और उपचार का ध्यान रखकर इसे रोका जा सकता है। अगर कोई व्यक्ति हार्ट अटैक के लक्षण दिखाता है, तो बिना समय गँवाए उसे उचित प्राथमिक चिकित्सा और डॉक्टर की मदद दिलानी चाहिए।
जान बचाने के लिए जागरूकता जरूरी है!


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